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सात लाख की ठगी:देवास के युवक से उज्जैन के तीन ठगों ने सात लाख ऐंठे
शहर के तीन ठगों ने देवास के एक युवक से रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर सात लाख रुपए ऐंठ लिए। जब नौकरी नहीं मिली तो युवक ने पुलिस से शिकायत की। जांच के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ चिमनगंज मंडी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। टीआई अजीत तिवारी ने बताया कि देवास के टोंकखुर्द में रहने वाले विनोद दांगी ने शिकायत की थी कि मोहन नगर निवासी रवींद्र राय ने उसके साथ सात लाख की धोखाधड़ी की है। जांच में पाया गया कि रवींद्र ने विनोद को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। लालच में आकर विनोद ने भी कई किश्तों में रवींद्र को 7.15 लाख रुपए दिए। इस फ्रॉड में रवींद्र के साथ उसके दो साथी शंकरलाल जायसवाल और दिनेश शिवहरे भी शामिल हैं।
रेलवे श्रमिक संघ का कार्ड देकर जमाया विश्वास
तीनों ठगों ने विनोद दांगी पर विश्वास जमाने के लिए रेलवे के मालगोदाम श्रमिक संघ का फर्जी कार्ड दिया। बोला, अभी श्रमिक संघ में सदस्यता दिला दी है। जल्द ही ज्वाइनिंग भी करा देंगे। कार्ड देख कर विनोद को भी विश्वास हो गया। जब कई माह बीत गए और ज्वाइनिंग नहीं हुई तो उसने रवींद्र से जानकारी चाही। पहले तो वह आनाकानी करता रहा। फिर फोन रिसीव करना ही बंद कर दिया। जब विनोद ने कार्ड को रेलवे के कर्मचारियों को दिखाया तो उन्होंने कार्ड को फर्जी बताया। सात लाख की ठगी होने पर विनोद के होश उड़ गए। तब उसने चिमनगंज मंडी पुलिस से शिकायत की।